गांधी बापू राष्ट्र के, हित में करते काम
कहते कौशल सीखिए, करिए मत आराम
करिए मत आराम स्वदेशी धारण कर लो
सत्य अहिंसा व्रत लो,कर लो या फिर मर लो
मस्तक ' वीर ' झुकाय, ज्ञान की आई आंधी
बापू चरित महान , बने तब बापू गांधी
कहते कौशल सीखिए, करिए मत आराम
करिए मत आराम स्वदेशी धारण कर लो
सत्य अहिंसा व्रत लो,कर लो या फिर मर लो
मस्तक ' वीर ' झुकाय, ज्ञान की आई आंधी
बापू चरित महान , बने तब बापू गांधी
No comments:
Post a Comment