मन की कड़वाहट मिटाओ रूढ़ हिय को मधु बनाओ
देहरी पर ज्योति रखकर तम निशा की झट मिटाओ
फलन पद का राष्ट्रहित में कर दो अर्पण, मुस्कुराओ
एक दीवा मैं जलाऊं एक दीवा तुम जलाओ
देहरी पर ज्योति रखकर तम निशा की झट मिटाओ
फलन पद का राष्ट्रहित में कर दो अर्पण, मुस्कुराओ
एक दीवा मैं जलाऊं एक दीवा तुम जलाओ
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