जिसके शब्द शब्द ने अभिव्यक्ति को है आधार दिया
क्लिष्ठ कल्पनाएं हों ,लेखन क्षमता को साकार किया
ऐसी सौम्य मातु हिन्दी को बारम्बार प्रणाम है
मौसी उर्दू को भी जिसने सच्चा वाला प्यार दिया
मैं सबसे छोटा सेवक हूं भावांजलि स्वीकार करो
'वीर लेखनी' सफल बने उस शक्ति का संचार करो
क्लिष्ठ कल्पनाएं हों ,लेखन क्षमता को साकार किया
ऐसी सौम्य मातु हिन्दी को बारम्बार प्रणाम है
मौसी उर्दू को भी जिसने सच्चा वाला प्यार दिया
मैं सबसे छोटा सेवक हूं भावांजलि स्वीकार करो
'वीर लेखनी' सफल बने उस शक्ति का संचार करो
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