Sunday, April 21, 2019

मित्र

जीवन की परिभाषा निश्छल
मित्रभाव में अतिशय कोमल
विपत्तियों में मेरे संबल
जन्मदिवस सुखमय हो उज्जवल
                सुख दुःख की बगिया के पाती
                तुम युग युग के सच्चे साथी
                सभी भाव को बड़े चाव से
                मंथन करते झिझक न आती
इन यादों का आज पिटारा रच जाएगा यारों का कल
            जन्मदिवस सुखमय हो उज्जवल❤️

No comments:

Post a Comment