आजकल दुनिया की मैं बेरूख़ी से रूठा हूं
मुझमें कुछ टूट गया इसलिए मै टूटा हूं
अपनी पाकीज़गी को पेश तो मैं कर ना सका
पूरी दुनिया में सच हूं फिर भी उसका झूठा हूं
दूर हूं तुमसे करीब आस किए जाता हूं
मैं तेरी सोच को लिबास दिए जाता हूं
करके शिरक़त पुकार लेना नजरबंदो को
तेरे पास ही हूं मैं विश्वास से बतलाता हूं
मुझमें कुछ टूट गया इसलिए मै टूटा हूं
अपनी पाकीज़गी को पेश तो मैं कर ना सका
पूरी दुनिया में सच हूं फिर भी उसका झूठा हूं
दूर हूं तुमसे करीब आस किए जाता हूं
मैं तेरी सोच को लिबास दिए जाता हूं
करके शिरक़त पुकार लेना नजरबंदो को
तेरे पास ही हूं मैं विश्वास से बतलाता हूं