और बेबसी और रुहाई
अकर्मण्यता की निठुराई
बल के अनुप्रयोग में बाधा
कड़वाहट से भरी मिठाई
मार रहा हूं मन जीने की आशा में
कंटक बड़े लिखे सरकारी भाषा में
कदम बढ़ाए चलने वाले
निश्चय पथ को गढ़ने वाले
हिंदू मुस्लिम वाली सत्ता
नहीं देखती पढ़ने वाले
वह हाथों का माल देखती
पैसों का भूचाल देखती
राजनीति के अपराधों में
अव्वल नटवरलाल देखती
वह माथे की शिकन मिटाती
और भाग्य की रेखाएं भी
और मिटाती तप से आई
भगीरथों की धाराएं भी
भूखे नंगे और ठिठुरते लोगों की चीखें वैसी हैं
जिस प्रकार उपयोगी नोटा कानूनी परिभाषा में
कंटक बड़े लिखे सरकारी भाषा में
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