उड़ जा रे बंदे तुझे ,देश बुलाता है
उड़ जा रे बंदे
घर सूना सूना है तो क्या , मांग न होने पाए
एक प्राण से लड़ के यदि तू सौ सौ जान बचाए
हे! भारत के कंधे! तुझे, देश बुलाता है
उड़ जा रेे बंदे
भारत रक्षा शंखनाद जब जगती पर गुंजाए
वसुधा सीमा पर गुर्राए दुश्मन जब भी आए
भारत जन वर दें! तुझे देश बुलाता है
उड़ जा रे बंदे
तू जब कवच बने धरती मां जुग जुग जीती जाए
धरती पर बोझों की उम्रें तुझको ही लग जाए
खुशियों से भर दे! तुझे देश बुलाता है
उड़ जा रे बंदे
उड़ जा रे बंदे
घर सूना सूना है तो क्या , मांग न होने पाए
एक प्राण से लड़ के यदि तू सौ सौ जान बचाए
हे! भारत के कंधे! तुझे, देश बुलाता है
उड़ जा रेे बंदे
भारत रक्षा शंखनाद जब जगती पर गुंजाए
वसुधा सीमा पर गुर्राए दुश्मन जब भी आए
भारत जन वर दें! तुझे देश बुलाता है
उड़ जा रे बंदे
तू जब कवच बने धरती मां जुग जुग जीती जाए
धरती पर बोझों की उम्रें तुझको ही लग जाए
खुशियों से भर दे! तुझे देश बुलाता है
उड़ जा रे बंदे
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