Saturday, August 10, 2019

शिव भक्ति में

हे आदिदेव भोले शंकर बलिहारी तेरी भक्ति में

तू गुणागार तू शक्ति सार ,तू परिपालक तू ही संहार
तू तीक्ष्ण नयन तू विषराेधी ,अतिशय भोला असीम क्रोधी
तू त्रिदृग काल गंगा है भाल, तेरा अम्बर है व्याघ्र छाल
त्रिविध तापहर तू विशाल ,ग्रीवा प्रदेश अति विकट व्याल
मृत शय्या से हो खड़ा जीव जिस नीलकंठ की शक्ति में

 हे आदिदेव !हे गंगाधर! ,बलिहारी तेरी भक्ति में

हे चंद्रभाल तू प्रलयंकर, शिव मोक्षमार्ग शिव आरतिहर
हे चंडीपति त्रैलोक्यस्वामि, है झंकृत तुझसे अवनि शिखर
दैदीप्यरूप तू भूतभूप ,शुभ धौलवर्ण नटराज अमर
आमरण अजन्मा लटधारी, सुखकारी रुद्रा त्रिपुरारी
व्याख्यान असंभव तेरा है सब वेदों की अभिव्यक्ति में

हे विषपायी ,सतीश ,शेखर! बलिहारी तेरी भक्ति में
        बलिहारी तेरी भक्ति में
   

Sunday, August 4, 2019

मित्र मंडली

मित्र मंडली वह जो मन की सूखी नद मे नाव चला दे
और वह जो कि अंधकार के पथ में सविता को दिखला दे
' शिवम् ' वही जो सखा व्याधि में जुटकर बाधा रोक सके और
है ' उज्ज्वल ' जो मित्रों की कुटिया में उजियारा फैला दे
हृदय जीत ले ' अजय ' ,प्रेम का स्वाद बढ़ा दे वो ' अभिव्यंजित '
हो ' रितेश ' सा चंट,' दयाशंकर ' के जैसा प्रथम मित्र हो
और ' सुधाकर ' जो निज कर कमलों से मीठी सुधा पिला दे
मित्र मंडली वह जो मन की सूखी नद में नाव चला दे
' बहन ' सरीखी मित्र भाव को समझे और जीवन सुलझा दे
और ' पिता ' से मित्र त्याग करके जीवन जीना सिखला दे
   मित्र मंडली वह ...जो मन की सूखी नद में नाव चला दे
       

Saturday, August 3, 2019

वीर जवान

उड़ जा रे बंदे तुझे ,देश बुलाता है
     उड़ जा रे बंदे
घर सूना सूना है तो क्या , मांग न होने पाए
एक प्राण से लड़ के यदि तू सौ सौ जान बचाए
हे! भारत के कंधे! तुझे, देश बुलाता है
       उड़ जा रेे बंदे

भारत रक्षा शंखनाद जब जगती पर गुंजाए
वसुधा सीमा पर गुर्राए दुश्मन जब भी आए
भारत जन वर दें! तुझे देश बुलाता है
       उड़ जा रे बंदे
तू जब कवच बने धरती मां जुग जुग जीती जाए
धरती पर बोझों की उम्रें तुझको ही लग जाए
खुशियों से भर दे! तुझे देश बुलाता है
        उड़ जा रे बंदे