Wednesday, July 24, 2019

आस

तुम मिले तो क्या मिले मिले नहीं जो तब तलक
छोड़ जब चले पलट थी धार संग बही पलक
आंख देखी आस थी कि लड़ पड़ेगी आंख से
आंख जब नहीं लड़ी तो देखने लगी फ़लक

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